Author
डॉ. वेदप्रकाश अमिताभ -डॉ. प्रेम कुमार
Year of Issue
1982
Publication Name
वाणी प्रकाशन
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परिपक्व जीवनदृष्टि और व्यस्क अनुभव के तालमेल से रचे गये रामदरश मिश्र के उपन्यास 'उपन्यास विधा की असाध्य वीणा' को भली-भाँति साधने की गवाही देते हैं।
प्रस्तुत कृति उनके उपन्यासों के बोध और संरचना को समझने का अपने ढंग का अकेला प्रयास है। चाहे उनकी रचनाओं को 'सामा- जिक अन्र्तावरोधों' के सन्दर्भ में जाँचा जाय चाहे उनमें 'मानवीय संकल्प का विघटन' 'मार्क' किया जाय, सर्वत्र एक सुलझी हुई आलोचकीय दृष्टि इसमें संग्रहीत लेखों में उपस्थित है।