नामकरण: इस पुस्तकालय का नामकरण श्रद्धेय रामदरश मिश्र जी की सहधर्मिणी श्रीमती सरस्वती मिश्र के नाम पर किया गया है। सरस्वती जी स्वयं एक अत्यंत प्रबुद्ध लेखक और आलोचक रहीं। उन्होंने अत्यंत साहस के साथ भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपना सक्रिय योगदान दिया।
रामदरश मिश्र जी के साहित्य की प्रथम पाठिका होने के साथ-साथ, उन्होंने मिश्र जी के साहित्य के संपादन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी पर लिखित उनके संस्मरण हिंदी की अनेक प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित होकर सराहे गए हैं। यह पुस्तकालय उनकी बौद्धिक चेतना और साहित्यिक साधना को समर्पित है।
“पुस्तकों को पाठक से जोड़ना” – ज्ञान को अलमारी की बंद सीमाओं से निकालकर पाठकों के हाथों तक पहुँचाना।
हमारा उद्देश्य शब्दों की साझी विरासत को देश के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आम पाठकों तक पहुँचाना है। हम हिंदी की एक ऐसी जीवंत, लोकतांत्रिक और समावेशी संस्कृति गढ़ना चाहते हैं जहाँ पुस्तकें केवल सहेजी न जाएँ, बल्कि संवाद का केंद्र बनें। हमारा प्रयास केवल किताबों का संग्रह करना नहीं, बल्कि पुस्तक संस्कृति और उससे संबद्ध विविध कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को जोड़ना है।
सरस्वती मिश्र हिंदी पुस्तकालय में उपलब्ध होगा-
यह केवल एक पुस्तकालय नहीं, एक सामूहिक विमर्श है। आप निम्नलिखित रूपों में हमसे जुड़ सकते हैं:
(रामदरश मिश्र न्यास द्वारा संचालित)
सरस्वती मिश्र हिन्दी पुस्तकालय, रामदरश मिश्र न्यास द्वारा संचालित एक आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं शोधोन्मुख सार्वजनिक हिन्दी पुस्तकालय है, जिसका उद्देश्य हिन्दी भाषा एवं साहित्य के संरक्षण, संवर्धन, अध्ययन, अध्यापन तथा शोध को प्रोत्साहित करना है। यह पुस्तकालय भवन के प्रथम तल (First Floor) पर लगभग 219 वर्ग गज के विशाल, खुले एवं सुवातायित परिसर में स्थापित है, जहाँ शोधार्थियों, विद्यार्थियों, अध्यापकों, साहित्यकारों एवं सामान्य पाठकों के लिए शान्त, सुरक्षित एवं प्रेरणादायी अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराया गया है।
पुस्तकालय में प्राकृतिक प्रकाश एवं शुद्ध वायु के पर्याप्त आवागमन के लिए लगभग 5.5 फीट × 6 फीट आकार की पाँच (05) बड़ी खिड़कियाँ तथा लगभग 2.5 फीट × 6 फीट आकार के तीन (03) वेंटिलेशन निर्मित हैं, जिससे सम्पूर्ण परिसर में निरंतर प्रकाश एवं ताज़ी हवा का संचार बना रहता है। अध्ययन एवं शोध के अनुकूल वातावरण बनाए रखने हेतु सम्पूर्ण पुस्तकालय पूर्णतः वातानुकूलित (Fully Air Conditioned) है।
पुस्तकालय में आगंतुकों की सुविधा एवं गरिमा का विशेष ध्यान रखते हुए पुरुष एवं महिला पाठकों हेतु पृथक-पृथक स्वच्छ एवं आधुनिक शौचालयों की व्यवस्था की गई है। भवन तक सुगम एवं सुविधाजनक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक लिफ्ट (Lift) तथा आरामदायक, सुरक्षित एवं चौड़ी सीढ़ियों का निर्माण किया गया है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजन एवं सभी आयु वर्ग के पाठकों को सहज आवागमन की सुविधा प्राप्त होती है।
पुस्तकालय परिसर एवं भवन के आसपास हरित पौधों एवं प्राकृतिक हरियाली (Greenery) का सुंदर वातावरण विकसित किया गया है, जो अध्ययन, मनन एवं शोध के लिए शान्त, सकारात्मक एवं प्रेरणादायक परिवेश प्रदान करता है।
सुरक्षा एवं पारदर्शिता की दृष्टि से सम्पूर्ण पुस्तकालय परिसर में 24×7 सीसीटीवी निगरानी (CCTV Surveillance System) की व्यवस्था उपलब्ध है। साथ ही, शोधार्थियों एवं पाठकों की डिजिटल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उच्च गति की वाई-फाई (High-Speed Wi-Fi Internet) सुविधा प्रदान की गई है। पुस्तकालय में प्रवेश करने वाले प्रत्येक आगंतुक के लिए डिजिटल विज़िटर मैनेजमेंट एवं मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किया गया है, जिसके माध्यम से आगंतुकों का डिजिटल पंजीकरण, अभिलेखीकरण एवं आवागमन का सुव्यवस्थित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाता है।
पुस्तकालय में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) के सभी आवश्यक मानकों का पूर्णतः पालन किया गया है। किसी भी आकस्मिक अग्नि दुर्घटना से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु परिसर में आधुनिक अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguishers), फायर अलार्म सिस्टम, आपातकालीन निकास (Emergency Exit), सुरक्षा संकेतक (Safety Signages) तथा अन्य आवश्यक अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाएँ उपलब्ध हैं। अग्निशमन उपकरणों का समय-समय पर निरीक्षण एवं रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाता है, जिससे पुस्तकालय का वातावरण पूर्णतः सुरक्षित एवं संरक्षित बना रहता है।
पुस्तकालय परिसर में रामदरश मिश्र न्यास तथा सरस्वती मिश्र हिन्दी पुस्तकालय के संचालन हेतु एक समर्पित प्रबंधन कार्यालय (Management Office) स्थापित किया गया है। यही कार्यालय न्यास का आधिकारिक कार्यकारी कार्यालय (Official Working Office) होगा, जहाँ से न्यास के प्रशासनिक कार्य, पुस्तकालय प्रबंधन, पुस्तकों का अभिलेखीकरण, शोधार्थियों एवं पाठकों को सहायता, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समन्वय, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध गतिविधियों का संचालन तथा न्यास की समस्त योजनाओं एवं परियोजनाओं का विधिवत क्रियान्वयन किया जाएगा।
यह पुस्तकालय केवल पुस्तकों के संग्रह का स्थान नहीं है, बल्कि हिन्दी भाषा एवं साहित्य के अध्ययन, अनुसंधान, संवाद, विमर्श एवं सृजनात्मक गतिविधियों का एक जीवंत ज्ञान-केंद्र (Knowledge Resource Centre) है। आधुनिक आधारभूत संरचना, उत्कृष्ट प्रबंधन व्यवस्था, उन्नत डिजिटल सुविधाओं, सुरक्षित वातावरण तथा शोध-अनुकूल अधोसंरचना से युक्त सरस्वती मिश्र हिन्दी पुस्तकालय भविष्य में हिन्दी साहित्य, विशेष रूप से पद्मश्री डॉ. रामदरश मिश्र की साहित्यिक धरोहर के संरक्षण, संवर्धन, डिजिटलीकरण, शोध एवं वैश्विक प्रचार-प्रसार का एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय केंद्र बनने की दिशा में सतत कार्य करेगा।
प्लॉट नं. 35-36, लेन 5, गली नं. 20A, बी ब्लॉक, कौशिक एन्क्लेव, अमृत विहार बस स्टैंड के सामने, बुराड़ी, दिल्ली - 110084