मेरे निबंध
वैसे निबंध मेरे लेखन की मुख्य विधा नहीं है, फिर भी मैंने समय-समय पर ललित निबंध लिखे हैं। ये सभी निबंध पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं, किंतु पुस्तक का आकार पहली बार ग्रहण कर रहे हैं। निबंध की विधा मेरे लिए अमुख्य भले रही हो, किंतु कम महत्त्व की नहीं रही। मैंने निबंध तभी लिखा है जब भीतर से उसकी आवश्यकता महसूस हुई है; और उसके लिख जाने पर बड़ी गहरी तृप्ति का अनुभव हुआ है। मेरी तृप्ति आपकी तृप्ति बने-इसो आकांक्षा से यह संग्रह आप तक
- रामदरश मिश्र