रामदरश मिश्र ने अनेक विधाओं में बहुत सशक्त लेखन किया है। कविता, कहानी, उपन्यास और आलोचना जैसी महत्त्वपूर्ण विधाओं में तो लंबी रचना-यात्रा की ही है, आत्मकथा, संस्मरण, यात्रावृत्त और निबंध के क्षेत्र में भी बहुत कुछ दिया है-महत्त्वपूर्ण एवं सार्थक। ऐसे वरिष्ठ लेखक से अनेक वरिष्ठ और कनिष्ठः लेखकों ने समय-समय पर जो साक्षात्कार लिए हैं उनका संग्रह है यह पुस्तक 'अंतरंग' । इस पुस्तक को पढ़ना एक महत्त्वपूर्ण और बहुआयामी प्रतिभा वाले लेखक के जीवन और साहित्य से संबंधित लंबे सघन अनुभवों, सोच और दृष्टि से गुजरना है। रामदरश मिश्र जीवन और साहित्य की सहजता और ईमानदारी में विश्वास करने वाले लेखक हैं। वे बिना किसी झिझक के सच बात कहना जानते हैं। अतः इन साक्षात्कारों में पाठकों को साहित्य और जीवन के विविध परिदृश्य तो मिलेंगे ही, उनसे निर्मित अनुभवों और सोच की पारदर्शी छवियां भी दिखाई पड़ेंगी, जिनके साथ हो लेना पाठकों को प्रीतिकर और मूल्यवान लगेगा ।