लम्हे बोलते हैं

रामदरश मिश्र की काव्य रचनाएँ

अपने लघु रूप में भी मुक्तक इतने मारक होते हैं जिसकी तुलना ही नहीं की जा सकती | उस पर मिश्र जी के मुक्

Author

रामदरश मिश्र

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2014

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लम्हे बोलते हैं

Description

हिन्दी साहित्य में अभिव्यक्ति की सबसे छोटी और मजबूत विधा मुक्तक हैं | अपने लघु रूप में भी मुक्तक इतने मारक होते हैं जिसकी तुलना ही नहीं की जा सकती | उस पर मिश्र जी के मुक्तक तो नाविक के तीर से भी ज्यादा पैने हैं जो सीधे ही ह्रदय की गहराइयों में उतार जाते हैं | ह्रदय में वे इस भांति जगह बनाते हैं मानों वे सद्य से ही वहीं के लिए बने थे सदा से ही वहीं स्थापित थे |