75 कविताएं

रामदरश मिश्र की काव्य रचनाएँ

मिश्र जी की काव्य कला बेजोड़ है जिसका मुकाबला हिन्दी साहित्य में तो क्या विश्व साहित्य में भी उपलब

Author

रामदरश मिश्र

Year of Issue

Publication Name

Link

View Link

75 कविताएं

Description

मिश्र जी का मानना है की जब तक कविता किसी की पीड़ा को किसी की प्रसन्नता को अभिव्यक्त न कर सके तब तक वह कविता है ही नहीं | कविता कविता तभी बन सकती है जब उसमें सामान्य जान का दर्द हो उसकी पीड़ा का चित्रण हो अन्यथा वह कविता कविता नहीं है कोर बयान है | मिश्र जी की काव्य कला बेजोड़ है जिसका मुकाबला हिन्दी साहित्य में तो क्या विश्व साहित्य में भी उपलब्ध नहीं है |