समाज में कहीं तो महिलाएं बहुत मजबूत स्थिति में होती हैं तो कहीं उन्हीं का शोषण होजाता है मिश्र जी �
समाज का सबसे कमजोर तबका यदि कोई माना जाता है तो वे महिलाएं ही हैं | सबसे कमजोर होने के बाद भी वे समाज में जिस जिम्मेदारी का परिचय देती हैं वह काबिल-ए-तारीफ है| समाज में कहीं तो महिलाएं बहुत मजबूत स्थिति में होती हैं तो कहीं उन्हीं का शोषण होजाता है मिश्र जी की ये कहानियाँ ऐसे ही दो चहारों को दिखने का काम करती हैं | शोषित होने के उपरांत भी वे समाज में अपनी भूमिका का निर्वाह कर रही हैं | उनके इसी साहस की अनेक कहानियाँ आपको इसमें देखने को मिलेंगी |