ज़िंदगी लौट आई थी

रामदरश मिश्र की काव्य रचनाएँ

इन कहानियों में हमारे समाज की अनेक विसंगतियाँ हैं और उनसे टकराती मूल्य-चेतना भी ।

Author

रामदरश मिश्र

Year of Issue

Publication Name

अमन प्रकाशन

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ज़िंदगी लौट आई थी

Description

इन्होंने इधर आस-पास के जीवन-यथार्थ को केन्द्रित कर कई छोटी-छोटी कहानियाँ लिखीं । इन कहानियों में हमारे समाज की अनेक विसंगतियाँ हैं और उनसे टकराती मूल्य-चेतना भी । दर्द और मूल्य की सहयात्रा तो मिश्र जी की कहानियों की अपनी पहचान है । मिश्र जी ने अपनी लंबी कथा-यात्रा में कई लम्बी और अनेक औसत आकार की कहानियाँ लिखी हैं । बीच-बीच में इनकी छोटे आकार की भी कहानियाँ आती रही हैं जो अपनी आकार-लघुता में बहुत तीव्र प्रभाव छोड़ती रही हैं । यथार्थ अपने बाहरी और आंतरिक आयामों के साथ उजागर होता रहा है। मिश्र जी ने इधर जो छोटी-छोटी कहानियाँ लिखी हैं उनके साथ पहले की लिखित छोटी कहानियों को मिलाकर यह संग्रह तैयार किया गया है । ये सारी कहानियाँ मिलकर बहु-आयामी यथार्थ का एक बड़ा बिम्ब निर्मित कर रही हैं । संश्लिष्ट कथ्य की मार्मिकता और अभिव्यक्ति की सहजता से दीप्त ये कहानियाँ निश्चय ही पाठकों को अपनी लगेंगी और सहज ही उनके साथ हो लेंगी ।