रामदरश मिश्र की लम्बी कविताएं

रामदरश मिश्र की काव्य रचनाएँ

रामदरश मिश्र एक सशक्त कवि हैं जिनकी कविताएं अपने आप में गहरे अर्थ लिए रहती हैं इस संग्रह में मिश्�

Author

संपादक वेद मित्र शुक्ल

Year of Issue

2019

Publication Name

अनुज्ञा बुक्स

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रामदरश मिश्र की लम्बी कविताएं

Description

रामदरश मिश्र एक सशक्त कवि हैं जिनकी कविताएं अपने आप में गहरे अर्थ लिए रहती हैं इस संग्रह में मिश्र जी की ऐसी ही लम्बी  कविताएं हैं|

रामदरश मिश्र सामाजिक जीवन क्यार्थ के कवि तो हैं ही प्रकृति सौंदर्य के भी कवि हैं। यों तो स्वभावतः ही उनका मन प्रकृति-सौंदर्य में रमता है ऊपर से उन्हें गाँव का जीवन जीने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जो प्रकृति की नाना छवियों का संसार होता है। अनेक मौसम अपना-अपना रंग लिए वहाँ आते हैं और वहाँ के लोगों की सौंदर्य चेतना और संगीत बन जाते हैं। खेत, बाग-बगीचे, नदी-नाले गाँव के जीवन पर अपना प्रभाव छोड़ते रहते हैं। मिश्र जी ने गाँव में व्याप्त प्रकृति की विविध छवियों को गहरे मन से जिया है। नगर और महानगर में आकर भी गाँव की प्रकृति से गहरे जुड़े रहे और यहाँ भी प्रकृति का जो थोड़ा बहुत रूप व्याप्त है उससे जुड़ते रहे। 'बाहर तो वसंत आ नया है' कविता संकलन में प्रकृति संबंधी कविताएँ संकलित हैं। प्रकृति संबंधी प्रारंभिक कविताएँ कुछ रूमानी स्वभाव वाली है। बाद में धीरे-धीरे कविताओं में सहजता और सादगी आती गई है। इन कविताओं में प्रकृति के माध्यम से जीवन के प्रश्न और मूल्य भी उजागर होते गए हैं। ये कविताएँ पाठकों को प्रकृक्ति की छवियों और जीवन-यथार्थ दोनों के लोक में ले जाएँगी।