सुरभित स्मृतियाँ

रामदरश मिश्र की काव्य रचनाएँ

Author

रामदरश मिश्र

Year of Issue

2021

Publication Name

हंस प्रकाशन

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सुरभित स्मृतियाँ

Description

'सुरभित स्मृतियाँ' कोरोना के अभिशाप के भीतर से निकला हुआ रचनात्मक वरदान है। इस अप्रीतिकर काल में डॉ. स्मिता मिश्र को लगा कि साहित्य सम्बन्धी कोई मूल्यवान कार्य होना चाहिए। उनकी प्रेरणा से मिश्र जी के मन में कुछ दिवंगत बड़े रचनाकारों पर संस्मरण लिखने का विचार जागा। तो मिश्रजी क्रमशः साहित्यकारों से सम्बन्धित संस्मरण बोलते गये और स्मिता जी लिखती गई। पहला संस्मरण निराला जी से सम्बन्धित है। जब उसे फेसबुक पर डाला गया तब अनेक पाठकों की अत्यंत उत्साहमयी प्रतिक्रियाएँ आई और यह आग्रह भी कि यह क्रम चलता रहना चाहिए। इन संस्मरणों से कोरोना के कारण घर में बन्दी मन को साहित्य रस मिलता रहेगा। तो महीना-भर यह क्रम चलता रहा और पचीस साहित्यकारों की छवियाँ दीप्त हुई। मिश्र जी का कहना है कि उन्होंने साहित्यकारों के जीवन और व्यक्तित्व सम्बन्धी उन्हीं बातों को लिया है जो सुरभित है ताकि इस अंधकार काल में पाठकों को उजास की अनुभूति हो। इसलिए इस पुस्तक को 'सुरभित स्मृतियाँ' नाम दिया गया है।