Author
रामदरश मिश्र
Year of Issue
2021
Publication Name
इंडिया नेटबुक्स प्राइवेट लिमिटेड
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अभिशप्त लोक के लेखक रामदरश मिश्र किसी दल या विमर्श से बाँध कर लिखने वाले लेखक नहीं हैं। दलित विमर्श से बाँध कर इधर दलितों पर काफी लिखा गया है। मिश्र जी ने विमर्श शुरू होने से पूर्व ही दलित जीवन के दुख-दर्द को कितनी रचनाओं में उतारना प्रारंभ कर दिया था। उन्होंने अपने गांव और अन्य स्थानों पर दलितों के साथ होने वाले अमानवीय व्यवहार को देखा और उनके प्रति दर्द से भरते गये। उनकी व्यथा-कथा का सहज भाव से दलितों और पिछड़े वर्गों का जीवन रूपादित होता गया। सहजता के नाते ही उनकी ये कहानियाँ अकूलित लगती हैं। संपादक द्वय ने उनके व्यापक कथा-लोक में से उन कहानियों का चुनाव करके यह संग्रह तैयार किया, जो अभिशप्तों की जीवन यात्रा से संबंधित है।