एक भटकी हुई मुलाकात

रामदरश मिश्र की काव्य रचनाएँ

Author

रामदरश मिश्र

Year of Issue

2020

Publication Name

हंस प्रकाशन

Link

View Link

एक भटकी हुई मुलाकात

Description

"एक भटकी हुई मुलाकात' मिश्र जी की विशिष्ट कहानियों का महत्त्वपूर्ण संकलन है। मिश्र जी की कहानी-यात्रा छठे दशक में शुरू तो हो गई थी किन्तु उसे सघनता और निरंतरता सातवें दशक में प्राप्त हुई। छठे-सातवें दशक में अनेक छोटे-बड़े बाद (आन्दोलन नहीं) खलबलाये हुए थे और उनसे जुड़ कर साहित्य में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की आपाधापी मची हुई थी। उन वादों की निरर्थकता की पहचान कर मिश्र जी उनमें से किसी से नहीं जुड़े। ये तो अपने समय की चेतना के प्रवाह के साथ स्वतः चलते रहे।

 

मिश्र जी के समस्त लेखन की धुरी है अनुभव। ये प्रगतिशील दृष्टि से अनुभवों को रच कर एक ऐसा संसार खड़ा करते हैं जो पाठकों को अपना संसार लगता है। मिश्र जी की जीवन-यात्रा गाँव से लेकर महानगर तक है। इन्होंने गाँव को तो आर-पार जिया ही, शहर को भी उतनी गहराई से रजिया जितनी गहराई से जीना संभव हो सका। अतः इनकी कहानियों में गाँव, नगर और महानगर के जीवन-यथार्थ के विविध आयाम प्रभावशाली ढंग से रूपायित हुए हैं। इन कहानियों में अंतर्जगत और बहिर्जगत की व्याप्ति है। मिश्र जी मूलतः अभिशप्त जीवन के पक्षधर लेखक हैं अतः इनकी कहानियों में नारी और दलित-यातना के कितने ही आयाम सहज रूप में मूर्त हुए हैं। इन्होंने अपनी विद्रोह-चेतना को बखूबी रेखांकित किया है। कथ्य की ईमानदारी और अभिव्यक्ति-सहजता इनकी कहानियों को अद्भुत पठनीयता प्रदान करती है।

 

- डॉ. स्मिता मिश्र