हद से हद तक

रामदरश मिश्र की काव्य रचनाएँ

रामदरश मिश्र की कहानियों का संसार विपुल है। गाँव से उनका नाता सघन है।

Author

रामदरश मिश्र

Year of Issue

2019

Publication Name

साहित्य भंडार

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हद से हद तक

Description

रामदरश मिश्र की कहानियों का संसार विपुल है। गाँव से उनका नाता सघन है। इसलिए प्रायः उनकी कहानियाँ भी गाँव के यथार्थ से जुड़ी हैं। वे स्त्री की व्यथा उकेरते हैं तो लगता है स्त्री मन के अदभुत चितेरे हों। गाँव के चरित्रों को तो अपनी कहानियों में जस का तस उदघाटित कर देते हैं जिसमें हर पात्र जटिलता, कुटिलता, निर्ममता और सहजता व्यक्त हो उठती है। 'हद से हद तक' की सारी कहानियाँ चरित्रांकन की दृष्टि से उदाहरणीय है।

 

'सीमा' कहानी की विकलांग लड़की सीमा पड़ोस की हिकारत भरी दृष्टि सहती है तो दुर्भिक्ष वेला में माँ के क्रियाकर्म के बाद लौटते हुए चाची में माँ की दुर्लभ छवि निहार कर लेखक तोष से भर उठता है। 'एक औरतः एक ज़िन्दगी' की भवानी हो, या 'हद से हद तक' की ठुकराई औरत, दोनों का दुख एक-सा है। वसंत का एक दिन में फुलवा और जयराम का प्रेम किस तरह जातीय घृणा में ज़मींदोज़ होता है, किस तरह फुआ की ज़िन्दगी से हँसी छिन जाती है, किस तरह प्रभा की आखिरी चिट्ठी रुला देती है... अपने दर्द को कविताओं और चित्रों में उकेरती हुए वह जिस तरह इस दुनिया से विदा होती है वह जैसे एक करुणक्रंदन छोड़ जाती है कहानी में।

 

क्रमशः...