गाँव की आवाज

रामदरश मिश्र की काव्य रचनाएँ

Author

रामदरश मिश्र

Year of Issue

2022

Publication Name

हंस प्रकाशन

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गाँव की आवाज

Description

वरिष्ठ साहित्यकार रामदरश मिश्र जी के पास ग्रामीण परिवेश से जुड़ी रचनाओं का एक विपुल साहित्य-संसार है। गाँव की आवाज़ शीर्षक से यह संग्रह उसमें से चुनिंदा 17 कहानियों को संजोये हुए है। इनमें मिश्र जी की सुप्रसिद्ध कहानियाँ जैसे "सड़क," "खाली घर," "वसन्त का एक दिन," "एक औरत एक जिंदगी," "माँ, सन्नाटा और बजता हुआ रेडियो," "विदूषक," "सर्पदंश," आदि तो हैं ही, साथ में नवीनतम कहानी "सुशीला" भी संग्रहीत है। सामाजिक यथार्थ की अनुभूत जमीन पर कही गई लोक-संवेदना की अन्तरंग पहचान की ये कहानियाँ गाँव से जुड़े ताजे रूपकों का समुच्चय है। लोक सर्वव्यापी है की अवधारणा को पुष्ट करती मिश्रजी की कहानियाँ बहुआयामी मनुष्य और समाज को कहने में पूर्णतः समर्थ हैं। यही कारण है कि इन कथाओं में गाँव की मुखर होती मानवीय आवाज़ अपने में राजनीति, धर्म, बाज़ार, संस्कृति, देश, विदेश, महानगर, कस्बा आदि की आवाज़ों को भी समोये है। देश की आत्मा गाँव में बसती है। इस सच्चाई को बड़ी सहजता से मिश्र जी ने उकेरा है। मिश्र जी के पात्र दिखने में कस्बाई हों या महानगरीय वे भीतर से गाँव को जी रहे होते हैं। उनके गंवई पात्र देश-दुनिया की राजनीति को बड़े अच्छे से समझते हैं। वे धर्म, बाज़ार, संस्कृति आदि की जीवंत व्याख्याएं प्रस्तुत ही नहीं करते बल्कि जीते हैं। गाँव पर केंद्रित इन कहानियों में और भी बहुत कुछ है। क्या सच में गाँव में यह सब कुछ संभव है? इस सवाल का ज़वाब मिश्र जी की कहानियों को पढ़ते हुए अनेक प्रकार से पाया जा सकता हैं। इसी पुस्तक से ...