नया चौराहा

नया चौराहा

Author रामदरश मिश्र
Year of Issue 2013
Publication Name अमन प्रकाशन
Link https://www.amanprakashan.com/authors_details.php?aid=92

Description

मिश्र जी मूलतः कवि है. इसलिए उनकी ललित गद्य रचनाओं में संवेदना की व्याप्ति अधिक होती हैं किन्तु विचार उन्हें नियंत्रित कर एक अन्विति प्रदान करता है। विचार बीच-बीच में स्वयं अपनी सघन उपस्थिति का बोध कराता रहता है। मिश्र जी एक सिद्ध कथाकार भी है, इसलिए वे इन निबन्धों में कथा भी बुनते रहते हैं। इस प्रकार संवेदना, कथा और विचार की सहयात्रा चलती रहती है। इनमे लेखक के अंतरंग संसार की तो परते खुलती ही रहती है बाहरी दुनिया की अन्तर्यात्रा भी होती रहती है। लेखक चाहे अपने निजी संसार की बात कर रहा हो, चाहे आसपास के संसार की, चाहे अनुभव से गुजरता हो, चाहे विचार से सर्वत्र एक गहरी आत्मीयता और विश्वसनीयता दिखाई पड़ती है। पाठक इन रचनाओं के साथ चलता हुआ कभी अपने भीतर डूबता है कभी बाहर फैलता है, कभी रस-मग्न होता है, कभी कथा-धारा में बहता है, कभी प्रश्नाकुल होता है और समग्रतः एक संकुल बोध की प्रतीति करता है।