रामदरश मिश्र रचनावली (चौदह खंडो में )
रामदरश मिश्र रचनावली (चौदह खंडो में )
| Author | रामदरश मिश्र |
| Year of Issue | 2000 |
| Publication Name | नमन प्रकाशन |
| Link | नमन प्रकाशन, ४२३३/१, अंसारी रोड, दरियागंज, नई दिल्ली-११०००२। |
Description
बहुमुखी प्रतिभा के धनी रामदरश मिश्र ने अनेक विधाओं (कविता, कहानी, उपन्यास, निबन्ध, यात्रावृत्त संस्मरण, आत्मकथा, आलोचना) में सार्थक और प्रभावशाली लेखन किया है। प्रसन्नता की बात है कि उनका समग्र लेखन 14 खंडों में प्रस्तुत किया जा रहा है।
"रामदरश मिश्र मूलतः कवि हैं। मिश्र जी ने प्रयोगवादी दौर में अपनी काव्य-यात्रा प्रगतिवादी जीवन-बोध से शुरू की थी। उनकी रचनाशीलता प्रयोगधर्मी न होकर जीवन-धर्मी है। अपने संश्लिष्ट अनुभवों को अधिक मूर्त और इन्द्रियग्राह्य बिम्बों में प्रकट करने की अपनी सहज और अनिवार्य विकलता से प्रेरित होकर ही मिश्र जी ने कहानी और उपन्यास के क्षेत्र में प्रवेश किया। उनकी आत्मकथा आपबीती को जगबीती बनाकर प्रस्तुत करती है। अपने में रहकर अपने से परे जाने की, अनुभूति के साथ ही अनुभूति को जन्म देनेवाली वस्तुगत स्थितियों को रचना में समेटने की उनकी सहज प्रवृत्ति ने उन्हें कविता के साथ-साथ अन्य साहित्य-विधाओं की ओर बढ़ने को प्रेरित किया है। साहित्य-विधाओं का अपना एक अलग और विशिष्ट रूप होता है लेकिन मिश्र जी के साहित्य की एक विशेषता यह है कि उनके यहां विधागत बदलाव से अनुभवों का रूप नहीं बदलता। उनके पास जैसे जीवन के ठोस और वैविध्यपूर्ण अनुभवों का एक पूरा का पूरा संसार है। उसमें एक ओर भाव-संवेदनों के शीतल और पारदर्शी निर्भर हैं तो दूसरी ओर विचार और विवेक के ऊंचे शिखर। एक ओर कल्पना की उड़ान के लिए खुला आकाश है तो दूसरी ओर यथार्थ के तपते पठारों का दुर्लध्य विस्तार। जीवन के इसी संश्लिष्ट अनुभव की व्यंजना के लिए वे विविध साहित्य रूपों को आविष्कृत करते हैं। उनके अनुभव की आधार-शिला उनकी युग-संपृक्ति और कला-चेतना को एक निजी वैशिष्ट्य प्रदान करती है।"
- डा. महावीर सिंह चौहान