बूँद बूँद नदी

बूँद बूँद नदी

Author रामदरश मिश्र
Year of Issue 1994
Publication Name साहित्य सहकार
Link ई -10/4, कृष्णनगर, दिल्ली -110051

Description

रामदरश मिश्र की अब तक लगभग चालीस पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। चूंकि मिश्रजी ने 'कविता', 'गीत', 'गजल', 'कहानी', 'उपन्यास', 'निबंध', 'समीक्षा', 'आत्म- वृत्त', 'शोध', 'यात्रावृत्त' आदि अनेक विधाओं के माध्यम से स्वयं को अभिव्यक्त किया है अतः प्रकाशित पुस्तकों की संख्या बहुत अधिक नहीं कही जा सकती है। विधा कोई सी भी हो, अपने अनुभूत और जिये हुए परिवेश में अधिसंख्यक अमसमुदाय की पीडा और संघर्ष का साक्षी और पक्षधर बनाते हुए जीवन-आस्था को जिलाये रखने की कोशिश सर्वत्र दिखाई देती है। जिया हुआ परिवेश प्रायः ग्रामीण है, हालाँकि नगर-महानगर के अनुभवों पर आधारित रचनाएँ भी कम नहीं हैं। लेकिन यह सच है कि नगर महानगर-केन्द्रित रचनाओं में भी रामदरश मिश्र की अपनी जमीन-ग्राम-संवेदना बार-बार उभरती है। उनका स्पष्ट विश्वास है कि भारतीय जीवन की सही और गहरी पहचान गाँव के संदर्भ में ही हो सकती है। जाहिर है, उनके लिए ग्राम या लोक-संवेदना रोमानी प्रवृत्ति या 'नास्टेल्जिया' के तौर पर नहीं, मानवीय मूल्यों की पहचान और रेखांकन में सहयोग के निमित्त है। इस लोक-संवेदना के फलस्वरूप मिश्रजी की रचनाओं का अपना व्यक्तित्व निर्मित हुआ है। किन्तु मुख्यतः ग्रामीण अनुभवों और समस्याओं से संबद्ध होकर भी उनकी रचना- दृष्टि इकहरी और संकुचित नहीं है। न तो वे 'अतीतजीविता' को प्रश्रय देते हैं और न वे पूरी तरह से यथार्थमुग्ध सिद्ध होते है। सरकंडे की कलम हाथ में लिए वे सही लिखने के लिए तो प्रतिश्रुत हैं ही, मानवीय स्थितियों की ठोस और वस्तु- निष्ठ जाँच में उनसे कोई चूक नहीं होती है। रामदरश मिश्र द्वारा रचित सम्पूर्ण साहित्य का अवलोकन करके विद्वान संपादक डा० वेदप्रकाश अमिताभ ने जो नवनीत प्राप्त किया है उसकी परिणति प्रस्तुत ग्रंथ 'बूंद-बूंद नदी' में हुई है। प्रस्तुत ग्रंथ सभी विधाओं में रामदरश मिश्र की चुनी हुई रचनाओं का प्रतिनिधि सकलन है। यह ग्रंथ रामदरश मिश्र की सम्पूर्ण रचना-प्रक्रिया को अधिक गहराई से समझने में महत्त्वपूर्ण भूमिका प्रदान करेगा। ऐसी आशा है।