अपने लिए

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मिश्र जी की कहानी कला अत्यंत समृद्ध है| इस संग्रह में 16 कहानियाँ संकलित हैं | जो पाठक को कभी आनंदित

Author रामदरश मिश्र
Year of Issue 1992
Publication Name परमेश्वरी प्रकाशन
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Description

मिश्र जी की कहानी कला अत्यंत समृद्ध है| इस संग्रह में 16 कहानियाँ संकलित हैं | जो पाठक को कभी आनंदित करती हैं तो कभी सोचने के लिए , विचार माग्न करने केलिए उसे विचारों के एक ऐसे उर्वर धरातल पर ले जाती हैं  जहाँ से वह नए विचारों को उड़ान दे सकता है | और यह उड़ान उसे अनेक क्षेत्रों की ओर अनुगामित करती हैं| साथ ही उसे विचार करने के लिए एक उपयुक्त प्रशन देती हैं की उसने समाज के लिए क्या किया हैं और उसे अभी क्या करना बाकि है|