सहयात्राएँ

सहयात्राएँ

रामदरश मिश्र जी की स्मृति कितनी तीव्र है हाय आप इस किताब को पढ़ते हुए जान जाएंगे | वे किसी को भी नहीं

Author रामदरश मिश्र
Year of Issue 2016
Publication Name अमन प्रकाशन
Link https://www.pustak.org/index.php/books/bookdetails/16199

Description

प्रस्तुत पुस्तक में मिश्र जी के संस्मरणात्मक निबंध संकलित हैं। मिश्र जी की मुख्य विधाएँ हैं कविता, कहानी और उपन्यास, किन्तु अन्य कई विधाओं में भी उन्होंने अत्यंत महत्त्वपूर्ण लेखन किया है। उनके संस्मरणात्मक निबंध भी अत्यंत प्रभावशाली हैं। उन्होंने जिन लोगों पर संस्मरण लिखे हैं उनमें अनेक उनके बहुत अंतरंग रहे हैं जिनके सुख-दुख को उन्होंने बहुत निकट से देखा है बल्कि साथ-साथ जिया है। कुछ ऐसे भी व्यक्ति हैं जो उनके बहुत निकट नहीं रहे किन्तु प्रसिद्ध साहित्यकार होने के कारण अपनी रचनाओं के माध्यम से अपनी निकटता की प्रतीति कराते रहे हैं। प्रस्तुत संग्रह में लेखक की माँ है, बड़े भाई हैं, मित्र हैं, शिष्य हैं और गुरु हैं। मिश्र जी कवि हैं, कथाकार हैं, चिंतक हैं अतः इन संस्मरणों में कथा-रस भी है, गहरी संवेदना भी है और चिंतन की दीप्ति भी है। इस कारण ये अत्यंत पठनीय और प्रभावशाली हो गये हैं।